
सितम सहने की आदत इस तरह कुछ हम ने डाली है,
चले आयें अभी गम और जगह दिल में खाली है,
अंधेरों में हमें रहने की आदत पड़ गई ऐसी,
हमें परवाह नहीं कि रात रौशन है कि काली है,
Apne Daman Ko Zara Baccha Ke Rakhiyega, Sard Aahon Se Bhi Hum AAG Laga Deten Hai........ हमसे पूछो मोहब्बत किस पाक अहसास का नाम है, जो छलके और छलकाए दीवानों को, ये वो बेमिसाल जाम है । सुबह के वक्त की लाली है ये, और कभी न ढलने वाली हसीन शाम है

Jab Dil Me Kissi Ki Yaad Ka Diya Jal Utha Hai Toh,




