Monday, June 11, 2007

******तसव्वुर********




पल भर की खुशी और फिर ग़म का साया

ख्वाब में उनका आना और लौट जाना,


दीद की खुशी और मलाल हिज़ाब का

यूं उनका नज़र उठाना और झुका जाना,


वस्ल का अहसास और दर्द हिज़्र का

उनका हाथ मिलाना और चला जाना..........................

9 comments:

Raj said...

"उन्हें किस्सा ए गम जो लिखने को बैठे तो"
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उन्हें किस्सा ए गम जो लिखने को बैठे तो
देखे करम की जवानी में आंसू

ऐ अनमोल तारे ऐ उल्फत के मोती
उन्हें हमने भेजे निशानी में आंसूं

मेरा दर्द उल्फत उन्हें खींच लाया
नजर जो उठाई तो सामने थे

हमारी खुशी का वो आलम न पूछो
निकल आये ये जवानी में आंसू

मेरे आंसुओं में छुपे हैं वो तूफां
जो मचले तो सारे जहां को डुबो दें

अभी तुमने दुनियां में देखा ही क्याहै
लग देतें हैं आग पानी में आंसू

ये आंसू के जुगनू मेरी रोशनी हैं
अंधेरे में राहें दिखाते हैं मुझको

न समझेगी दुनियां न समझोगी तुम भी
झलकते हैं मेरी कहानी में आंसू

मोहिन्दर कुमार said...

बहुत सुन्दर है आप का ब्लाग और उस से भी ज्यादा दिलकश है आप के अलफ़ाज जिन को आपने ढाला है, गजलों, नजमों और गीतों में... अब तो आना जाना लगा रहेगा.....

Kunal said...

Kash aisa hum bhi likh pate......

Superb................

UttaM said...

Khoob likha hai Priyanka..

Contrast aur contradiction ko bakhoobi istemaal kiya hai..

Woh aakar chale gaye..
Kuch pal ki khushi dekar laut gaye..
Tab se khud ke haathon ko chooma karte hain..
Jab se woh haath mila kar chale gaye..

(genuinely uttams)

rangnath said...
This comment has been removed by the author.
rangnath said...

bahut khoob priyanka ji ..is par mujhe kisi bade shayar ka ek sher yaad aata hai ....

Chaand kaliyan nishat ki chunkar muddaton mah beaas rehta hoon.Tumse milna khushi ki baat sahi tumse milkar uddas rehta hoon

anoop said...

aap apne blog ko thoda aur popular karwaiye iski link ka ad kriye jyada se jyada reader ko pane ki kosis kriye .....

Avinash said...

waah kya baat hai..gajab likhti hain aap..ek dam se dil ko chune wala..

ashish said...

this one is super