Thursday, October 25, 2007

*******उसने कहा***********

उसने कहा मुझसे कितना प्यार है
मैने कहा सितारो का कोई शुमार है..?

उसने कहा कौन तुम्हे है बहुत अज़ीज़
मैने कहा दिल पे जिसका इख्तियार है.

उसने कहा कौनसा तोहफा है पंसद?
मैने कहा वो शमा जो अब तक उधार है.

उसने कहा साथ कहा तक निभाओगे..?
मैने कहा जितनी ये सांसो की तार है

उसने कहा मुझको यक़ीन आये किस तरह.
मैने कहा मेरा नाम ही ऐतबार है..!

4 comments:

ashish said...

bahut khub priyanka kya hazir jawabi hai aur

Raj said...
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Raj said...

Nigaho me or koi dosti ke kabil na raha,
Is kinare ka or koi sahil na raha.
Chand jaisa dost mila hume zameen par,
Aasma ka chand bhi ab deedar k kabil na raha

Raj said...

प्रियाजी, मेरे भी जज्बात ऐसे ही हैं

***मैंने उससे पूछा***

मैंने उसको सलाम लिख भेजा,
हाल-ए-दिल तमाम लिख भेजा ।

मैंने पूछा तेरे होठ कैसे हैं,
उसने एक लफ़्ज "जाम" लिख भेजा।

मैंने पूछा तेरे बाल कैसे हैं,
उसने कुदरत का इनाम लिख भेजा।

मैंने पूछा कब होगी मुलाकात,
उसने कयामत की शाम लिख भेजा।

मैने पूछा इतनी तडफ़ती क्यों हो,
उसने जवानी का इन्तकाम लिख भेजा।

मैंने पूछा तेरे खुद-ओ-ख्याल कैसे हैं,
उसने तो हुशन तमाम लिख भेजा।

मैंने पूछा तुझे नफ़रत किस से है
ए-खुदा उसने मेरा ही नाम लिख भेजा

"प्रियराज"